-
एक साल में दिल्ली सरकार ने कितने लोगों को पेरोल दिया, ज़वाब दो: हाई कोर्ट
एक चर्चित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के पुत्र मनु शर्मा के पेरोल पर बाहर आने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से इस बात की पूरी जानकारी मांगी है कि इस साल अब तक कितने लोगों ने पेरोल के लिये याचिका डाली है और कितने लोगों को पेरोल दिया गया। मनु शर्मा के पेरोल पर हंगामा मचने के बाद भले ही मनु शर्मा ने तिहाड़ में आत्मसमर्पण कर दिया लेकिन ये मामला इतनी जल्दी खत्म होता नजर नहीं आ रहा। अब दिल्ली सरकार को पेरोल से जुड़े कई सवालों के जवाब देने हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ये जानना चाहती है कि पिछले एक साल में दिल्ली सरकार ने कितने लोगों को पेरोल दिया। हाईकोर्ट ने ये फैसला तिहाड़ जेल में हत्या की सज़ा काट रहे सुमेर सिंह की याचिका पर सुनाया। सुमेर ने अपने छोटे-छोटे तीन बच्चों का हवाला देते हुए कहा था कि वो पेरोल पर बाहर आना चाहता है। दिल्ली सरकार ने सुमेर की दरख्वास्त पर सुनवाई नहीं की। लिहाजा सुमेर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से पेरोल मांगने की इजाजत मांगी। यह भी मुद्दा उठ रहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेन्च ने जब यह आदेश दिया है कि कोई भी पेरोल की याचिका आये तो 10 दिन के अंदर ही उसका फैसला होना चाहिए। तो सुमेर सिंह की याचिका पर देरी क्यो हुई।सुमेर सिंह की इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस कैलाश गंभीर ने दिल्ली गृह सचिव को व्यक्तिगत रुप पेश होने को कहा है। उनसे जानकारी मांगी गई है कि, 1 जनवरी 2009 से अब तक कितने लोगों ने पेरोल के लिये याचिका दायर की है। कितने लोगों को पेरोल दिया गया, और कितने लोगों की पेरोल की याचिका ठुकरा दी गई। ये सारी जानकारी दिल्ली सरकार को 25 नवम्बर को देनी होगी।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)





0 ने गवाही दी: