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अदालत ब्लॉग हुया दो वर्ष का: आप सभी का धन्यवाद
आज से ठीक दो वर्ष पहले 6 नवम्बर 2007 की सुबह 7:47 पर अदालत ब्लॉग की पहली पोस्ट आई थी। तब से लेकर आज 6 नवम्बर 2009 की सुबह तक, दो माह वाले अवकाश को छोड़ कर, 22 माह में 2222 पोस्टें हो चुकी हैं। इकलौते व्यक्ति द्वारा 'लिखे' जा रहे इस 'अदालत' ब्लॉग की 2000 पोस्ट्स भी मात्र 19 महीनों के भीतर पूरी हुईं थीं। वस्तुत: इसे लेखन न कह कर संकलन कहना ज़्यादा उचित होगा। फिर भी विभिन्न संचार माध्यमों से एक ख़ास विषय की सूचनायों को एकत्र करना, विभिन्न भाषायों के शब्दों को हिन्दी में अनुवाद कर सामने लाना, ज़रूरी लिंक लगाना, विषय अनुरूप चित्र संलग्न करना, संपादित करना, समय पर प्रकाशित करना सामाजिक-पारिवारिक-आजीविका के दायित्वों के बीच काफी दुरूह कार्य है।
अदालत ब्लॉग का इतिहास देखा जाए तो पिछले वर्ष 2008 की दीपावली के अवसर पर 1000 मुकद्दमों का जश्न मनाया गया था और उससे 4 महीने पहले ही 500 पोस्ट की खुशी जाहिर की थी। अदालत की प्रथम पोस्ट, प्रथम टिप्पणी, ब्लॉग जगत में प्रथम उल्लेख और 500 वीं पोस्ट की खुशी, पहली वर्षगाँठ , एक वर्ष में 1200 पोस्ट, 2000 पोस्ट होने पर विराम की बातें भी उल्लेखनीय हैं।
मैं, उन तमाम ब्लॉगर्स/ चिट्ठाकारों/ एग्रीगेटर्स/ वेबसाईट्स को धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने 'अदालत' का उल्लेख किया या लिंक लगायी या पसंद किया। समस्त टिप्पणीकर्तायों को, संजीवनी रूपी टिप्पणियों के लिए तो धन्यवाद शब्द नाकाफी होगा। किसी भी कार्य के मूल ऊर्जा स्त्रोत/ जनक को भूलना नादानी मानी जायेगी। विभिन्न व्यक्तियों, संस्थायों, समाचार-पत्रों, वेबसाईट्स का आभारी हूँ, जिनकी मूल खबरों/ जानकारियों की बदौलत यह ब्लॉग इस पड़ाव पर पहुँच सका है।
ब्लॉग जगत में आप सभी का स्नेह मिला, स्वस्थ आलोचना मिली, उत्साहवर्धन मिला। जिसके चलते आज यह अदालत ब्लॉग अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर रहा है।
अब तक की मेरी जानकारी के मुताबिक, संभवत: हिंदी ब्लॉग जगत में अदालत ब्लॉग, पहला व इकलौता ब्लॉग है जो अपने विज्ञापनों के जरिये स्वयं का प्रचार-प्रसार गूगल पर कर रहा।
एक बेहद रोमांचक सूचना यह भी है कि अदालत ब्लॉग के इन 2222 पोस्ट्स को उनकी सभी टिप्पणियों व चित्रों सहित, पीडीऍफ़ फॉर्मेट में करीब 560 पृष्ठ की एक ई-बुक का रूप दे दिया गया है। इसे ज़ल्द ही, निरीक्षण के बाद, पंजीकृत उपयोगकर्तायों को निःशुल्क डाउनलोड हेतु उपलब्ध कराए जाने की योजना है। स्वाभाविक है कि इसका पेपर संस्करण भी आएगा।
एक बार पुन: आप सभी जाने-अनजाने साथियों, पाठकों, स्नेहियों, शुभेच्छुयों का दिल से धन्यवाद।
- लोकेश
12 ने गवाही दी:
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जिओ...बहुत बधाई...पढ़ते तो हमेशा है...टिपयाते कम हैं.जानते तो हो ही, लोकेश!!
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badhai-ho badhai aapne ek lamba safar tay kar liya, aage aur bhi manjile hai unhe bhi panaa hai- meri shubkamnayen-lokesh ji ko
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अदालत को कोर्ट कचहरी की तरफ़ से बधाई जी बहुत बहुत ..हैप्पी बलडे है जी ..
अदालत हिंदी ब्लोग्गिंग के उन अनूठे और मौलिक विचारों में से एक है ..जिसका नाम .हिंदी ब्लोगजगत की धरोहरों में लिया जाएगा । इस सफ़लता पर आपको बहुत बहुत बधई और शुभकामना । उम्मीद है ये सफ़र बहुत आगे तक जाएगा..और अभी कई मंजिले तय करेगा ।





बधाई!बधाई!बधाई!
इन दो वर्षों में जो सफर अदालत का रहा है। उसने तीसरा खंबा के लिए पूरक का काम किया। अदालत को उस ने एक सूचना स्रोत के रूप में उपयोग किया। यह ठीक है कि बीच में इस ब्लाग ने विश्राम लिया है। लेकिन अदालत लगातार चलते रहने लायक ब्लाग है।