आइए मुकद्दमे तलाशें

  • सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सार्वजनिक किया संपत्ति का ब्यौरा

    न्यायाधीशों की सम्पत्ति सार्वजनिक करने पर लम्बे विवाद व पारदर्शिता के लिए बढ़े चौतरफा दबाव के बाद बालाकृष्णन सहित सुप्रीम कोर्ट के 21 मौजूदा न्यायाधीशों ने आखिरकार 2 नवम्बर को अपनी व परिवार की सम्पत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। स्वेच्छा से की गई इस घोषणा में न्यायाधीशों ने अपनी व अपने जीवनसाथी की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा दिया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर दिए गए ब्यौरे में लगभग सभी न्यायाधीशों ने अपने बैंक खातों का जिक्र किया है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने ऐसा नहीं किया है। मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन ने यह तो कहा है कि उनके पास कोई फिक्स डिपाजिट नहीं है, पर बैंक खातों में कितनी रकम है, इसका कोई जिक्र नहीं किया है। ज्यादतर जजों के पास छोटी कारें हैं तो नौ जजों के पास कार ही नहीं है। जस्टिस सत्शिवम के पास मोटरसाइकिल है।


    ज्यादातर जजों के पास लाखों का बैंक बैलेंस और देश की नामी गिरामी कंपनियों के शेयर हैं लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने न तो शेयरों में निवेश किया है और न ही उनका और उनकी पत्नी निर्मला बालाकृष्णन का कोई फिक्स डिपाजिट है। मुख्य न्यायाधीश के नाम उनके केरल स्थित त्रिक्कारा के गांव में घर है तथा उनकी पत्नी के नाम कोट्टायम में 68 सेंट जमीन है जिसकी कीमत नहीं बताई गई है। मुख्य न्यायाधीश के संपत्ति ब्यौरे में एरनाकुलम में पौने छह लाख का रिहायशी फ्लैट, फरीदाबाद में 444.44 वर्ग गज का साढ़े चार लाख रुपये का भूखंड, एरनाकुलम जिले में ही 4 लाख 33 हजार 600 रुपये कीमत की जमीन तथा वाइकोम तालुका में साढ़े तीन लाख कीमत की पारिवारिक संपत्ति का जिक्र किया गया है। इसके अलावा 20 सोने के सिक्कों के बराबर स्वर्ण आभूषण तथा 2000 माडल की एक सेंट्रो कार का भी जिक्र किया गया है।

    सुप्रीमकोर्ट में दूसरे नंबर के सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस एस.एच. कपाड़िया के पास कोई वाहन नहीं है। उन्होंने साढ़े 22 लाख और उनकी पत्नी ने साढ़े 19 लाख रुपये शेयर में जरूर निवेश कर रखे हैं। उनके 1,80,000 रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश किए हुए हैं, जबकि 3,85,000 का फिक्स डिपाजिट भी करवा रखा है। उनके पीपीएफ खाते में भी साढ़े 12 लाख रुपये हैं। जस्टिस कपाड़िया की पत्नी के नाम भी साढ़े 19 लाख रुपये के शेयर, डेढ़ लाख रुपये म्यूचुअल फंड में, 2.60 लाख रुपये फिक्स डिपाजिट तथा नौ लाख रुपये पीपीएफ खाते में जमा हैं। दोनों ही लोगों के पास लाखों के आभूषण हैं और कोई भी कर्ज या देनदारी नहीं है। जस्टिस कपाड़िया के पास मुंबई में फ्लैट भी है।

    जस्टिस तरुण चटर्जी के पास टवेरा व हांडा सिविक, दो कारें हैं। सिविक का अभी 7,55,445 रुपये का कर्ज बकाया है।

    कुछ और जानकारियाँ इस प्रकार हैं

    जस्टिस दलवीर भण्डारी
    * जोधपुर में एक पैतृक मकान व एक भूखण्ड
    * तिंवरी (जोधपुर) में 76.3 बीघा कृषि भूमि (कीमत 23 हजार रू.)
    * स्वयं व पत्नी के नाम नई दिल्ली में 1753 वर्गफीट का फ्लैट (कीमत 9.02 लाख रू.)
    * नई दिल्ली की महरौली तहसील में 14 बीघा 15 बिस्वा कृषि भूमि (दो लाख रू.)
    * ग्रेटर नोएडा में 292.79 वर्ग मीटर प्लाट (7.67 लाख रू.)
    स्वयं व पत्नी के नाम एसबीआई के 300 शेयर, बच्चों के नाम 3904 शेयर
    * म्यूचल फण्ड खुद के नाम 1.30 लाख रूपए व बच्चों के नाम डेढ़ लाख रूपए के
    * स्वयं के नाम दो एफ.डी. व दो बचत खातों में करीब 41.70 लाख रू.
    * पत्नी के नाम बचत व चालू खाते में 16 हजार 593 रू. व एफ.डी. में 1.91
    लाख रू.
    * बच्चों के नाम बचत खाते में 6.04 लाख रू. व फ्लेक्सी खाते में 1.40 लाख रू.
    * पीपीएफ व जीपीएफ में स्वयं व बच्चों के नाम एक करोड़ रू. से ज्यादा
    * बीमा पॉलिसी स्वयं की 2.75 लाख रू. व बच्चों की 2 लाख रू. की
    * स्वयं व बच्चों के पास 1258 ग्राम स्वर्णाभूषण व 20.6 किलो चांदी के बर्तन
    * दो कार

    जस्टिस जी.एस. सिंघवी

    * बच्चों के नाम वैशाली नगर (जयपुर) में 1061 वर्ग फीट का फ्लंैट
    * स्वयं के नाम नारायण सिटी (जयपुर) में 200 वर्ग गज के दो भूखण्ड, बच्चों के नाम निर्माण नगर में 155 वर्ग गज का भूखण्ड
    * स्वयं व पत्नी के नाम सन सिटी में 542 वर्ग गज का भूखण्ड, जगतपुरा के पास दो भूखण्ड (प्रत्येक
    355 वर्ग गज)
    * संयुक्त परिवार की जोधपुर में 500 वर्ग गज परिसम्पत्ति
    * सम्पूर्ण परिवार के म्यूचल फण्ड, एफ.डी. व बॉण्ड में करीब 45.61 लाख रू.
    * पी.पी.एफ. व जी.पी.एफ. में करीब 46.86 लाख रू.
    * स्वर्णाभूषण करीब 1200 ग्राम व सिल्वर के बर्तन 10 किलो
    * सेन्ट्रो कार

    जस्टिस आर.एम. लोढ़ा
    * सिविल लाइन्स में मकान, मुम्बई में फ्लैट, बच्चों के नाम जयपुर में 400 वर्ग गज का प्लाट
    * शेयर व म्यूचल फण्ड- मंगलोर रिफाइनरी के 200 इक्विटी शेयर, म्यूचल फण्ड 633.252 यूनिट
    * एफ.डी., बचत खाते, पीपीएफ, जीपीएफ, एनएसएस व केवीपी में करीब 33.86 लाख रू.
    * आभूषण व सोना दो किलो से अधिक तथा चांदी के जेवर 15 किलो
    * मकान के लिए ऋण 25 लाख रू. व किराएदार की अमानत राशि 5.54
    लाख रू.

    जस्टिस एच.एस. बेदी एकमात्र ऎसे न्यायाधीश हैं, जिन्होंने सम्पत्ति सार्वजनिक नहीं की है। न्यायाधीश बी.एन. अग्रवाल ने सेवानिवृत्ति के बाद भी विशेष अनुरोध करके अपनी संपत्ति का ब्यौरा शामिल कराया है।

    सम्पत्ति सार्वजनिक करने वाले 21 न्यायाधीशों में से तीन राजस्थान के निवासी हैं।

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