-
48 घंटों के भीतर यातायात में बाधक बन रहे धार्मिक स्थल हटाने की समय सीमा बढ़ाने सरकार के हाथ बंधे
राजस्थान हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में जिला प्रशासन को आदेश दिए हैं कि शहर के सार्वजनिक मार्गो पर यातायात में बाधक बन रहे धार्मिक स्थल हटाए जाएं। हाईकोर्ट ने 48 घंटे में इन अवरोधकों को चिह्न्ति कर उनसे जुड़े लोगों को नोटिस देकर हटाने को कहा है। न्यायाधीश डॉ. विनीत कोठारी ने 3 नवम्बर को यह आदेश दिए। हाईकोर्ट में दिनेश कुमार व शंकर ने बीमा क्लेम संबंधी मामले में अपील प्रस्तुत की थी। न्यायाधीश कोठारी ने इसकी सुनवाई करते हुए तब स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का संदर्भ देते हुए गत सात अक्टूबर को सिटी एसपी, जेडीए सचिव व नगर निगम सीईओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर यातायात में अवरोधक बन रहे धार्मिक स्थलों के संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे।
इस मामले में रखी सुनवाई के दौरान न्यायाधीश कोठारी ने कमेटी को शुरुआत में पांच ऐसे अवरोधक चिह्न्ति कर उन्हें 48 घंटे के नोटिस पर हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदेश में कहा कि नोटिस के बावजूद ऐसे अवरोधक स्वेच्छा से नहीं हटाए जाते हैं तो उसे बलपूर्वक हटाया जाए। न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि उसके द्वारा तय समय सीमा को राज्य सरकार की कोई भी अथॉरिटी बढ़ा नहीं सकेगी।
2 ने गवाही दी:
-
न्यायलय के फैसले और सरकार के अमल करने के फैसले के बीच अब देखे क्या होता है.......





ये बहुत बढिया रहा.....अब सरकार बजाती रहे ढोल ..सबसे मह्त्वपूर्ण बात ये है कि इस काम के लिए ..समय सीमा निर्धारित कर दी है न्यायालय ने..। देखते हैं कि आगे क्या होता है ..।