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  • बाटला हाउस मुठभेड़ कांड की न्यायिक जांच से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

    सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली के बहुचर्चित बाटला हाउस मुठभेड़ कांड की न्यायिक जांच की गुहार सम्बंधी याचिका 30 अक्टूबर को खारिज कर दी। कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन अनहद (एक्ट नाऊ फॉर हार्मोनी एंड डेमोक्रेसी) की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस मुठभेड़ कांड की फिर से जांच कराने की अनुमति देने से पुलिस का मनोबल गिरेगा। खंडपीठ ने कहा कि सैकड़ों पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी आतंकवादियों की गोलियों के शिकार होते रहे हैं। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता अनहद ने दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट दिए जाने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और मामले की न्यायिक जांच कराने की गुहार लगाई थी।

    इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से मामले की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने खंडपीठ को यह समझाने का भरसक प्रयास किया कि बाटला हाउस मुठभेड़ फर्जी थी। भूषण ने कहा कि बाटला हाऊस में दो युवकों के मारे जाने से पुलिस के प्रति अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का विश्वास टूटा है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस मसले को एक खास समुदाय से जोड़कर देखने की कोई आवश्यकता नहीं है। आतंकवादियों का कोई सम्प्रदाय और धर्म नहीं होता।

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